Goni हंस के पीछे-पीछे, नदी के अंतिम छोर पर बसे एक टापू तक
Didi सर्दियाँ बिताने जा रहे हूपर हंस Goni के साथ उड़ चलती है।
नदी और समुद्र जहाँ मिलते हैं, उस Eulsukdo की दलदली ज़मीन पर कौन-कौन से दोस्त रहते हैं, और इंसान उनके लिए क्या करते हैं, यह सब वह चुपचाप देखती है।
आख़िर में वह दलदल के सभी जीव-जंतुओं को विदा कहती है — यह Didi की प्रवासी पक्षियों के साथ की गई एक छोटी-सी यात्रा डायरी है।
और ठंड बढ़ने से पहले, चलो उड़ें!

बर्फ़ीले मैदान में एक बड़ा पक्षी पंख फड़फड़ाकर ऊपर उठा! मैं भी झट से उसके बग़ल में जुड़कर उड़ चली।
नीचे चारों ओर बस सफ़ेद बर्फ़। साँस छोड़ो तो वहीं जम जाए — ऐसी कड़ाके की ठंड।
"नमस्ते! मैं Goni हूँ। हूपर हंस परिवार का सबसे बड़ा बेटा।" बग़ल में उड़ता पक्षी जोश से बोला।
पिछले साल पिताजी रिटायर हुए, इसलिए इस साल पहली बार Goni ने अपने परिवार को सर्दियों की उड़ान पर ले जाने का नेतृत्व संभाला है। पहली बार मुखिया बनना — कंधे थोड़े तने हुए लग रहे थे।
"यह टुंड्रा बहुत ठंडा है, यहाँ सर्दियाँ नहीं काट सकते। हम गर्म Eulsukdo जाएँगे। उफ़्फ़ ~ और ठंड बढ़ने से पहले जल्दी चलो!" Goni के पुकारते ही उसके पंख और तेज़ हो गए।
आज मैं भी चुपके से इस सर्दी-यात्रा में शामिल हो गई। Goni के साथ चलूँ, तो नदी के अंतिम छोर पर बसे उस टापू को देख पाऊँगी।
आसमानी रास्ते पर मिले मलार्ड बत्तख का परिवार

बादलों के ऊपर पहुँचते ही आसमान पक्षियों से भर गया।
सिर्फ़ हूपर हंस ही नहीं — ना जाने कौन-कौन से पक्षी क़तार बनाकर, सब एक ही दिशा में मेहनत से पंख चला रहे थे।
"देखो! सब सर्दियाँ बिताने Eulsukdo जा रहे हैं।" Goni ने बग़ल की ओर इशारा किया।
फिर ख़ुश आवाज़ में बोला — "नमस्ते मलार्ड दोस्त! बहुत दिनों बाद मिले!"
पास उड़ रही मलार्ड बत्तख ने मुड़कर कहा, "अरे ~ Goni, कैसे हो? तुम मुखिया बन गए? बधाई हो!"
"हाहा, धन्यवाद। इस सर्दी भी मिलकर अच्छे से बिताएँगे।" Goni शरमाते हुए हँस पड़ा, और वह दृश्य कुछ गर्म-सा लगा।
पहली बार जाते रास्ते में भी अगर दोस्त साथ हो, तो हिम्मत बनी रहती है। मुझे भी मन ही मन ख़ुशी हुई, और मैं और ज़ोर से उड़ी।
नदी और समुद्र मिलें, तो टापू बन जाता है

Goni का छोटा भाई बड़े भाई के क़रीब उड़ते हुए पूछा, "भैया, हम जिस Eulsukdo जा रहे हैं, वह कैसी जगह है?"
"वह Nakdong नदी के मुहाने पर बसा एक टापू है। Gangwon-do से शुरू होकर बहती नदी दूर तक आती है, और दक्षिणी समुद्र से मिलती है — वहीं।"
मैंने भी कान खड़े कर लिए। नदी और समुद्र मिलते हैं — वह जगह कैसी दिखती होगी?
"नदी का पानी काफ़ी दूर बहते-बहते धीमा हो जाता है। तब उसके साथ बहती मिट्टी और रेत धीरे-धीरे नीचे बैठ जाती है, और जमती-जमती जो टापू बन गया, वही Eulsukdo है।" Goni ने पंख से नीचे की ओर इशारा किया।
नदी की मिट्टी से बना हुआ एक टापू!
जहाँ नदी का पानी और समुद्र का पानी आपस में मिलते हैं, वहाँ ऐसे ख़ास जीव-जंतु रहते हैं, जो और कहीं देखने को नहीं मिलते।
"अरे? भैया, वो जो वहाँ दिख रहा है — वही टापू है क्या?" छोटे भाई ने उत्साह से पूछा।
"हाँ! बस पहुँच गए। वही Eulsukdo है।" Goni की बात ख़त्म होने से पहले ही, पैरों के नीचे एक हरा-भरा टापू उभर आया। वाह, सच में नदी के ठीक बीचों-बीच!
दलदल में कौन-कौन रहता है, चुपचाप झाँक कर देखा

टापू पर उतरते ही Goni ख़ुशी से उछल पड़ा। "प्रवासी पक्षियों को यह जगह क्यों पसंद है, इसका एक कारण है। दलदल अच्छे से सुरक्षित है, और खाने के लिए बहुत कुछ मिलता है!"
खाने को बहुत कुछ! आख़िर कौन-कौन से दोस्त यहाँ रहते हैं — मेरा कौतूहल बढ़ता ही गया।
WAGZAK JUMP में "दलदल की ओर एक यात्रा" खोल कर देखा। तटीय कीचड़ और पानी के किनारे रहने वाले जीवों को और पास से देखने के लिए।

सबसे पहले Goni मुझे एक झाड़ी के पास ले गया। "यह saemseommaejagi (saltmarsh bulrush) है। जहाँ नदी और समुद्र मिलते हैं, वहीं यह झुंड में उगता है।"
Goni ने अपनी चोंच से मिट्टी हटाई, तो जड़ में एक मोटी गाँठ लटकी हुई थी। आलू या शकरकंद की तरह — गोल-मटोल।
"यही गाँठ-जड़ हम हूपर हंसों का सबसे प्रिय भोजन है।" Goni ने मुँह में थूक भरकर ऐसा कहा कि लगा सचमुच कितनी स्वादिष्ट होगी।

अब बारी थी सीपियों की। Goni ने एक पतली सीप की ओर इशारा किया। "यह tti-jogae (पतली सीप) है। इसकी सीप दूसरी सीपियों से बहुत पतली होती है, इसलिए हम आसानी से तोड़ सकते हैं। हमारे लिए यह बहुत कीमती भोजन है!"
उसके पास एक मोटी सीप भी थी। "यह baekhap (लिली शेल / आम क्लैम) है। हमारे देश में बहुत आम क्लैम है, और Nakdong नदी के मुहाने पर भी ख़ूब मिलती है।"
Goni ने जो जोड़ा वह कुछ अनोखा था। baekhap की सीप से baduk (Go) खेल के सफ़ेद मोहरे भी बनते हैं। सीप से baduk का पत्थर — कितना अद्भुत!

तभी कीचड़ की सतह पर कुछ बग़ल से भाग रहा था। केकड़ा! Goni ने कहा, "यह chil-ge (Korean mud crab) है। तटीय कीचड़ में छेद खोदकर रहता है।"
क़रीब जाने ही लगी कि chil-ge ने मुझे देखा और अपने छेद में फट से अंदर! पलक झपकते ग़ायब हो गया।
"दूर से इंसान भी निकले, तो तुरंत छुप जाता है। थोड़ा डरपोक है।" Goni हँसा। मैं भी हँसी, फिर ख़ाली छेद को देर तक देखती रही। chil-ge, माफ़ करना। मेरा इरादा तुम्हें डराने का नहीं था।
इंसानों ने पक्षियों के लिए खेत बनाया है?

घूमते-घूमते सामने हरा-भरा जौ का खेत फैला हुआ था। उस पर ढेर सारे पक्षी उतर कर दाने चुग रहे थे।
"यह जौ का खेत है ना," Goni ने धीमी आवाज़ में कहा। "इसे इंसानों ने हम प्रवासी पक्षियों के खाने के लिए जान-बूझकर उगाया है।"
मैं चुपचाप Goni की ओर देखती रही। पक्षियों को खाना देने के लिए पूरा खेत ही बना दिया?
"सिर्फ़ खाने की जगह ही नहीं। दलदल को बचाने के लिए इंसान और भी काम करते हैं। एक-एक करके दिखाता हूँ।" Goni ने पंख फैलाकर आगे का रास्ता दिखाया।

टापू के दोनों ओर शहर है, और वह नदी के ठीक बीच में तैरता है। लेकिन टापू तक जाने वाला पुल बिलकुल सीधा नहीं, थोड़ा घुमावदार है।
"वह Eulsukdo Bridge है, जान-बूझकर मोड़ कर बनाया गया।" Goni की बात पर मेरी आँखें फैल गईं। जान-बूझकर मोड़ा?
हम जिस दलदल में आराम करते हैं, वहाँ शहर का शोर न पहुँचे, इसलिए रास्ता घुमा कर बनाया गया। एक पुल भी पक्षियों का ख़याल रखते हुए मोड़ा गया है।

Goni ने और बताया। "एक तय समय में प्रवेश बंद रहता है, और उस वक़्त सड़क की बत्तियाँ भी बुझा दी जाती हैं। ताकि हम और चैन से सो सकें।"
लोग दलदल देखने आते हैं, पर वहाँ खाना नहीं खाते, कैम्पिंग नहीं करते, और कूड़ा भी इधर-उधर नहीं फेंकते।
टापू पर रहने वाले जानवरों और पौधों को चोरी-छुपे पकड़ना या उखाड़ना भी नहीं।
"तुम लोग भी सचमुच हमारी क़द्र करते हो, है ना? सच में बहुत-बहुत धन्यवाद!" Goni ने मेरी ओर देखकर कहा, तो नाक की नोक थोड़ी भीग आई।
Eulsukdo के नज़ारे एक बार फिर से देखे

सूरज ढलने लगा, तो Goni के साथ टापू के ऊपर एक चक्कर लगाया।
पानी के किनारे उगा saemseommaejagi, सीप और chil-ge वाला तटीय कीचड़, पक्षियों से भरा जौ का खेत, और घुमावदार पुल — सब कुछ।
पहली बार ऊपर से देखा था, तो लगा था बस नदी के बीच एक हरा टापू है। अब तो यह एक जीती-जागती बस्ती जैसा लग रहा है।
नदी की मिट्टी से बने टापू में, इतने सारे दोस्त बस गए हैं। एक-एक को गौर से देखना अच्छा रहा।
Goni अपने परिवार के साथ जौ के खेत में बैठा, और लंबी यात्रा के बाद पंख समेट लिए। पहली बार मुखिया बनकर, ज़बरदस्त निभाया।
दलदल के दोस्तो, अच्छे से रहना

अब मेरे घर लौटने का वक़्त हो गया।
मैंने Goni की ओर हाथ हिलाया। "Goni, मुझे साथ लाने के लिए शुक्रिया। सर्दी अच्छे से बिताना!"
कीचड़ की ओर भी छोटी-सी विदा कही। "chil-ge, baekhap, saemseommaejagi ~ सब अच्छे से रहना!"
शायद सुना भी नहीं होगा, पर क्या फ़र्क पड़ता है। चुपचाप हाथ हिलाकर निकल पड़ी।
Goni बसंत आते ही वापस उत्तर की ओर उड़ जाएगा। तब तक यह दलदल थके हुए पंखों के लिए एक गर्म और शांत आश्रय बना रहे, यही उम्मीद है। चैन से आराम करना, Goni। फिर मिलते हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q. Eulsukdo कैसा टापू है?
Eulsukdo Nakdong नदी के मुहाने पर बसा एक टापू है, जहाँ नदी का पानी दक्षिणी समुद्र से मिलता है। नदी का पानी दूर से बहता हुआ समुद्र के पास आकर धीमा हो जाता है, तो उसके साथ बहती मिट्टी और रेत नीचे बैठ जाती है। लंबे समय तक यही जमती-जमती जो टापू बना, वही Eulsukdo है। यहाँ नदी और समुद्र का पानी मिलता है, इसलिए तरह-तरह के जीव-जंतु रहते हैं — और सर्दियों में हूपर हंस जैसे प्रवासी पक्षी यहाँ आते हैं।
Q. दलदल में कौन-कौन से दोस्त रहते हैं?
जहाँ नदी और समुद्र मिलते हैं, उस दलदल में पानी के किनारे झुंड में उगने वाली saemseommaejagi (saltmarsh bulrush) रहती है (इसकी मोटी गाँठ-जड़ हूपर हंस का प्रिय भोजन है)। पतली सीप वाली tti-jogae, आम क्लैम baekhap, और तटीय कीचड़ में छेद खोदकर रहने वाला chil-ge केकड़ा — ये सब यहाँ बसते हैं। खाने को बहुत है, इसलिए सर्दियाँ बिताने आए प्रवासी पक्षियों के लिए यह एक बहुत अच्छा आश्रय बन जाता है।
Q. नदी या पार्क में कोई पक्षी मिले, तो क्या करना चाहिए?
कोई पक्षी दिखे, तो चुपचाप दूर से देखें। शोर मचाने या क़रीब जाने पर पक्षी डरकर उड़ सकते हैं। नैचुरल पार्क जाएँ, तो स्नैक्स और कूड़ा वहाँ न छोड़ें — ज़रूर घर लाएँ। तभी जानवर दोस्तों का घर साफ़ रहता है। अपने आसपास की नदी या पार्क में कौन-कौन से पौधे-जीव रहते हैं, टहलते हुए धीरे-धीरे ढूँढना भी एक अच्छी आदत है।
अगली बार फिर एक मज़ेदार कहानी लेकर मिलूँगी। — आपकी, Didi
